छत्तीसगढ़ी उपन्यासःचन्द्रकला

उपन्यासकार- डॉ.जे.आर.सोनी

Tuesday, June 27, 2006

भाग- ग्यारह

चन्द्रकला कथे आज शाम के गाड़ी हे । चंदा ल राष्ट्रपित भवन अऊ मुगल गार्डन दिखा देहन । मधु अउ जमुना चन्दा, मालूराम आटो म बईठ के राष्ट्रपति भवन जाथे । राष्ट्रपति भवन दरसक मन बर बंद रहय । मुगल गार्डन ल घूम घूम के तीन घंटे ले देखिन । मस्त रंग बिरंगी गुलाब खिले रहय़ । विस्व के सभी प्रजाति के फूल फूले रहय । रंगीन फब्बारा, बड़े-बड़े घास के लान, घूमत घूमत लान के बेंच म बईठ जाथे । चन्दा कथे दीदी स्वर्ग के समान हे । कतका बढ़िया गार्डन हे । मधु कथे, मजा आगे चन्द्रकला दीदी । ऐला हम जिनगी म कहाँ देख पातेन । मालूराम कथे । मधु जी, विधायक बनही त फेर तोला नई लाहय । चन्द्रकला अब ले अपन विधायक समझ । कांग्रेस के टिकिट मिल गे समझ । मिनी माता जी के किरपा से टिकट मिल जाही । मालूराम कथे । मिनी माता सचमुच छत्तीसगढ़ के महतारी ऐ । अतेक झन मादा जी के घर पलत हे अऊ नेता बने के तियारी करत हे । चन्दा कथे । सेठ जी मोला टिकट नई दिवाय ग । मालूराम कथे । चंदा बहिनी तोला तो मिनी माता ह आसीरबाद दे देये हे । सारंगढ़ से टिकिट मिल जाहय । काबर फिकर करत हच ।

चन्द्रकला कथे, चलव दो बजत हे । दिल्ली म कब ट्राफिक जाम हो जायें । जलदी चलव फेर तियारी करबो । आटो म नार्थ एवेन्यू आ जाथे । मालूराम सूटकेस निकाल ले थे । सब अपन सूटकेस लेके आटो म बईठ जाथे । पास के रूप म सासंद केयूर भूषण जी के इहाँ चाबी दे देथे । सांसद केयूर भूषण कथे । कहाँ के हो जी, मालूराम कथे । रायगढ़ के आन ।एक हफ्ता होगे रहिस । आज घर जाथन । चन्द्रकला केयूर भूषण के पाँव छूथे । चन्दा घलो ह पैर छूथे । आटो म बईठ के रेलवे स्टेसन नई दिल्ली पहुँच जाथे । साम 6 बजे ट्रेन छूट जाथे । ट्रेन म आरक्छित सीट म सो जाथे । सीधा रायगढ़ म दूसर दिन साम चार बजे पहुँचथे । चन्द्रकला के निवास म जाके सब रूक जाथे । पुस्पा, रमौतीन, खाना बनाके खिलाते ।
पुस्पा देवी कथे । चन्द्रकला प्रेमलता ह चार महीना के गरभ म हे । चन्द्रकला ह बधाई देथे । चल दीदी बनगे । साल भरके भीतक माँ बन जाही । बहुत खुशी के बात हे । चन्दा घलो बधाई देते । दूसर दिन चन्दा, मधु, जमुना बस म सारंगढ़ पहुँच जाथे । सांरगढ़ पहुँच जाथे सारंगढ़ से सरिया जमुना चले जाथे । ओमन अपन अपन घर चले जाथे । चन्दा ह घर पहुँचिस त भूरी अऊ कुसुवा दाई आगे कहिके कुलके चिल्लाय लगिन । भूरी अऊ कुसुवा ल गोदी म उठा के प्यार करे लगथे । दिल्ली ले रेडीमेड कपड़ा अऊ बाबासूट लाय रहाय । भूरी ह फ्राक, दुप्ट्टा पहिन के परी बन जाथे । कोला म समारू काम करत रहय । बूरी दउड़त दउड़त जाके कथे दाई आगे । समारू कुआँ म हाथ पाँव धोये लगिच । चन्दा घलो हाथ पाँव धोये बर जाथे । चन्दा समारू के पाँव परथे । सुखी रह । जलदी विधायक नेता बन । दिल्ली रिटर्न सरपंच । चंदा गद ले हंस पड़थे । दूनों झन खूब जोरहा हांसथे । चन्दा ह हांसत हांसत लोट पोट हो जाथे ।

चन्दा कथे तोर मुँह दूध, भात, घी, सक्कर । मिनी माता जी श्रीमती इंदिरा गांधी जी भेंट कराईच हे । सारंगढ़ से आस्वासन देय हे । माताजी कहे हे जाके चुनाव के तियारी करव । गाँव गाँव के सूची बना ले । मुखिया मन ले मिलना शुरू कर दे । समारू कथे सतनाम साहेब के किरपा बने रहे । डऊकी विधायक बन जाहयतो मोला तो अति खुसी होही । चल हाथ पाँव झन धो । कुआँ म बने साबुन लगा के नहा ले । ऊहां थोरकन पानी म नहाय होबे । फेर धूल मर्रा जमगे होही । चन्दा ह बढ़िया लूगरा पहिरे रहय । बने उज्जर दिखत रहय । वईसे भी फक्क गोरी, कदकाठी, बने तंदरूस्त राहय । पीढ़ी म बईठ के भूरी अऊ कुसुवा ल भात खवाईच । समारू ह संग म बईठ के दूनो झन दार भात खाईन । चन्दा ह एकेक ठन ल बताईच । डॉ. प्रेमलात के गरभ रहे के बात बताइच । समारू कथे आजकल के लड़का लड़की मन जलदी देह मा हो जाथे । काबर जवान होगे रईथे । कईथे प्रेमलता के उमर पैंतीस साल होगे हे । चन्दा कथे, चल सतनाम साहेब ह जलदी चिन ले । अच्छा हे जलदी होगे । बाद म परेशानी होतिच । खाना खाके खटिया म जाके सोये लगथे । लईका मन सो जाथे । समारू दरवाजा बंद कर देथे । चन्दा कथे दिन दहाड़े डाका डालत हच । सारी रात पड़े हे । छोड़ कोई आ जाहय । गाँव के सरपंच आंव । समारू कथे । कोनो लपता चल ही तन । समारू कथे । बने महमहावत हच । चन्द्रकला दीदी ह विदेसी सेंट देईच हे ओही ह लगा देईच । अऊ कहिच चन्दा जाबे त भंवरा कस झूमे लगही । पति पत्नी सुख भोग के आराम करथे । एक हफ्ता के बाद मिले रहय । चन्दा मस्त तरो ताजा होगे । ओतके बेरा टहलू ह दरवाजा खटखटाते चन्दा कहिच देखे मय कहत रहेंव न कोई आ जाहय, जा दरवाजा खोल अऊ बईठार । मय हाथ मुँह धोके आवत हंव ।

समारू दरवाजा खोलिच । मालिक सरपंच मेडम ह दिल्ली ले आईच । हाँ आगे हे बईठ । परछी म कोटवार ह बईठ जाथे । समारू कईथे कईसे आय हच । कोटवार कथे । मतादाता सूची विधान सभा बर तियार करत हे । ये देख लेव । तुंहर कोनों के नाम तो नई छुटगे रहय । समारू ह रानी सागर गाँव के सूची पढ़थे । सूची म समारू, चंदा अऊ चन्द्रकला देवी, समारू के दाई, दुखिया बाई के नाव रहय । चन्दा ओतके बेर आ जाथे । कोटार जय जोहार राम, राम कथे । चन्दा ह जय सतनाम । का हाल चाल हे टहलू ? हललू कईथे, मेडम मतदाता सूची पुनरीक्छण संसोधन होथे । देखाय बर आय हंव । विधानसभा के चुनाव हो वाला हे । चन्दा सब झन नाव देखथे । हमर तो नाव हे । फेर देख ले कई टूरा, चेलिक मन नाव तो नई छूटगे । चन्दा कथे । टहलु एक कापी छोड़ दे । कोई आही त देखाहंव । मय विधायक के चुनाव लड़त कहत हंव । कोटवार कथे । ठीक हे मेडम आप तो जरूर जीतहंव । मय गाँव गाँव के चुनाव प्रचार करिहंव । चन्दा कथे । ठीक हे। जा गाँव म घर घर बता दे । ओतके बेर सचिव मनबोधी बेहार आ जाथे । नमस्ते मेडम । नमस्ते । दिल्ली के सफर ठीक रहिस । हां ठीक रहिस चन्दा कईथे, बेहार कथे । विधायक के लिये नवा दरखास दे देतेव । चन्दा कथे । श्रीमती इंदिरा गांधी से मिलके आय हन । आस्वासन तो देय हे । देखव काला टिकिट मिलत हे । मनबोधी कथे, मेडम निराश्रित पेंसन के चेक म दस्खत कर देवव । चन्दा कथे कतका झन के हे । ओ बीस झन के हे । चन्दा कथे बेहार जी ग्राम पंचायत के बईठक बुलवा लेवा ओही दीन कर देहूँ । अऊ सब तो ठीक हे । सब ठीक हे मेडम । बेहार चले जाथे ।

चन्दा अपन काम बुता म लग जाथे । बाड़ी म जाथे । संझा के साग भाजी के बेवस्था करे लगथे । रात म भोजन बना के बढ़िया खाथे । भात खात-पात बताथे समारू ल मिनी माता जी हा मोर भात, दार, सब्जी, चटनी ल बहुत पसंद करिच । बेटी बहुत बढ़िया जेवन बनाय हच । माताजी वईसने जलदी जलदी म बनाय हंव । कहेंव माताजी मोला रंघईया रख लेव । माताजी कहिच । मय तो रख लेहंव, फेर सरपंची कौन करही । कहिच बेटी जा सरपंची कर । सरपंच ले विधायक बन जाबे । माताजी के आशीरवाद लेके आये हंव । समारू मजाक करथे । तय विधायक बन जाबे तब मय सचिव बन चाहूँ । अऊ रोजिना खाना पका के देहंव । रात म गोड़ भी दबाहंव । चन्दा कईथे अभी ले मोला ताना मारत हच । थोरकन रूक तो जाव । चन्दा के लहर बटोर देख । जब विधायक बनहूँ त तोरे तो इज्जत बाढ़ ही । सब तही ह काम करबे । मय तो नाम मात्र के विधायक बने रईहंव । मात्र विधानसभा म विधायक । घर म तो तोर गोबर हेरीन चन्दा रईहंव । समारू कथे मय तो मजाक करत रहेंव । चन्दा खिलकिला के हंस देथे । महूँ तो ठट्ठा करत हंव । भात खाके सो जाथे ।

चन्दा मस्ती मस्ती म रहय । बहुत खुश रहय, काबर विधायक के आवेदन कर रहय । अऊ भावी सारंगढ़ के विधायक बने बन मन मचलत रहय । समारू मुँह ल चूमे चाटे लगथे । समारू कथे दिल्ली ले नवा सिख के आय हच । चन्दा कथे अउ कछु झन कहिबे । चन्दा कथे आज मय बहुत कुस हंव । दूनों थक के पसीना पसीना होके सूत जाथे ।

दूसर दिन चन्द्रकला आ जाथे सारंगढ़ । मधु के घर चाय पीये । चन्द्रकला कथे । मय महिला बैंक के अध्यक्ष बन जाथंव । सरिया महिला बैंक के मीटिंग बुलावा । मधु कथे ठीक हे दीदी । बैंक के अध्यक्ष बने ले जादा काम होही । चन्द्रकला कथे मय चन्दा देवी से मिल के आवत हंव । सरिया संग जाथे । मधु कथे । हाँ मय तियार होगे रईहंव । चन्द्रकला देवी, पैदल, पैदल चल के रानी सागर गाँव चल देथे । चन्दा ह दरवाजा खोलथे चन्द्रकला देवी के पाँव छूथे । आसीस देते सारंगढ़ के एम.एल.ए. बनो । सुखी रहो । चन्दा खिलखिला के हंसते । चन्द्रकला भी हँसथे । परछी के खटिया म बिछाके चादर । दूनों झने बईठ जाथे । चन्द्रकला कथे भूरी अऊ कुसुवा कहाँ गे हे । चन्दा कथे पढ़े गे हे । समारू भईया ह खेत गय हे । चन्द्रकला पूछथे तोर सरपंची कईसे चलत हे । बढ़िया जापान के ट्रेन जईसे दउड़त हे । चन्द्रकला कथे पाँच कि.मी. के गति से भागत हे । चन्दा कथे ओकरे ले जादा । मजा आगे दीदी । दिल्ली घूम के जरा भूलागे । आनंद आगे । चन्द्रकला कथे हमर संग रईबे त स्वर्ग के सुख भोगबे । बस ये गोबर थोपे ल छोड़ दे । घर के दुवारी ल निकल जा । सरपंची करत हच । अतका बोल पाथच । नई तो कोठा के गोबर हेरत हेरत हाथ पाँव म कंदवा चर देही । चन्दा कथे अतके तो किसान मन के पूँजी ये । आज खाय पीये के पूरता हो जाथे । नौकरी कर हाथ नई फइलावन । चन्दा कथे चल दीदी दूध भात खाले । दूबराज चाउर रांधे हंव । सब्जी अभी बनई नईऐ । चन्द्रकला कथे । दे बहिनी जो भी बने होही ला दे । बटकी म चन्दा भात लाथे । अऊ गरम-गरम दूध बटकी के भात म एक पाव से जादा डाल देथे । चन्द्रकला दूध भात खाथे । चन्दा ह पंखा झलथे, वाह मजा आगे चन्दा । पहिली बार दूध भात बहुत दिन के बाद खात हंव ।

चन्द्रकला बताथे । दादाजी जीयत रहिच तब हम नान नान रहेंव, गौसाला के दूध दादाजी लावय । दूध भात खावन। साग सब्जी त रहय नहीं चन्दा कथे दीदी अऊ भात परोसा लेले । दे बहिनी दूध भात बने लागत हे । चन्द्रकला छेड़थे । तभे बहिनी तय समारू के ऊपर हस । बेचारा चिटोपोट नई करय । बने सीधा मनखे हे । मोर अईसने दिन कटगे । मन मसोस के जीवन ल काट डारेंव । चन्द्रकला कथे बहिनी चल सरिया जाय बर आय हंव । चन्दा कथे । मोर घर सुन्ना हे । मोरसास, अऊ पति देख खेत डहर गय हे । ओमन आही त जा सकत हंव । घर छोर के नई जावंव । आज कर चोर चिंहार बहुत होत हे । फेर सरपंच आंव । सबके नजर म चढ़गे हंव ।

समारू ह ओतके बेरा खेत ले आ जाथे । चन्द्रकला ल देखके कईथे, नमस्ते समारू भईया । चन्दा ह विधायक बनही, पईसा के बेवस्था कर अभी ले तियारी कर ले । समारू कथे, दीदी मय तो किसान आव । धान हो जाहय पचास हजार के अऊ पाँच सात एकड़ खेत बेच देथंव । चन्द्रकला कथे भईया ये ही महीना बेवस्था कर दे । फेर दिल्ली जाय लगही । चन्द्रकला कथे । भईया तोही ल घर द्वार सम्हाले ल पड़ही । चन्दा तो नेता बनगे हे । समारू कथे दीदी घर देखे बर एक झन अऊ ले आत हे । चन्दा नेता गिरी करही । दूसर ह घर देख ही । चन्द्रकला कथे भईया अईसे गलती झन करबे । अभी तो एक कान ल खिचत हे । दूसर पत्नी ह दूसर कान ल खिचही । हलाकान हो जाबे । समारू कथे दीदी मय तो मजाक करत हंव । चन्दा कथे तय ले आन । मोर सौत आही बने मारही झाड़ू बाहरी म त तोर चेत जागही । चन्द्रकला कथे भईया बहुत मजाक होगे ।

चन्दा कईथे भईया समारू अब चन्दा ल मोर संग छोड़ दे । मय विधायक बनवा के रइहूँ । समारू कथे दीदी चन्दा ल मय उल्ला छोड़ दे हंव । जहाँ जाना चाहय जा सकत हे । चन्दा त मोर गुमान बढ़गे हे । समाज म महर स्थान ऊँचा होगे हे । समाज म बिना चन्दा के कोई काम नई होवय । मोला गुमान हे । कम से कम मरद समाज ल नारी मन टक्कर देय ल खड़ा होत हे । मरद के गुमान ल तोड़ना चाही । नारी समाज ह ऊपर उठाय के परयास करत हे । अच्छा बात हे । चन्द्रकला कथे चन्दा बहिनी चल । हाँ दीदी लूगरा बदलत हंव । चन्दा ह कोसा के लूगरा पहिन के निकरिच त चन्द्रकला ह देखते रहिगे । बड़ सुघ्घर दिखत रहय । समारू कथे वाह क्या सुन्दर परी जईसे दिखत हे । चंदा सरमा जाथे । चंदा खिलखिला के हंस देथे । समारू कथे आज कोकरो ऊपर गाज गिराही लगत हे । चल जा बूता कर बहुत छेड़त हच । का मोला नई देखेच । गटोर के देखत हच । समारू हंस देथे । जा भई सरपंच जी । विधायक जी । चन्द्रकला कथे जाथन भईया । समारू कथे लउहा आ जा बे ।

चन्द्रकला, चन्दा, मधू बस म सारंगढ़ से सरिया पहुँच जाथे । जमुना घर म रहय । जमुना जाय पिलाईच । मधु ह प्रस्ताव करिच चन्द्रकला महिला बैंक के अध्यक्ष बनही । आज ऐ मीटिंग महिला मंडल के बुला ले । चन्द्रकला ह अपन घर म कार्यालय अऊ बैंक के आफिस रखे रहय । दो कमरा नवा बना डारे रहय । मधु कथे । जमुना दीदी चल आफिस म बईठबो । शाम चार बजे महिला मंडल के बैठक म महिला बैंक के अध्यक्ष चन्द्रकला देवी बन जाथे । मैनेजर ल बुलाके निर्देश देथे । मेडम शांति शर्मा, सब महिला मन लोन बाँट दे । एक करोड़ रूपिया के लोन बाँट देथे । चन्द्रकला, चन्दा, मधु अपन अपन घर आ जाथे । चन्द्रकला कथे । चन्दा तय विधानसभा के तियारी कर ।

चन्दा ह सरपंची के काम म लग जाथे । पंचायत सचिव ल बुलाके सारंगढ़ के गाँव के सूची बनवाथे । सभी गाँव के मतदाता सूची के कापी रायगढ़ के जिला निर्वाचन कार्यालय से खरीद के ले आथे । चन्दा ह पईसा के बेवस्ता करे ल समारू ल कथे । समारू कथे तोर ददा मन से उधार म रूपिया ले आ । मय पचास हजार रूपिया के कोठी के धान बेच देथंव । सारंगढ़ के बड़े साव के पास जमीन बेचे बर कहिहूं । पास के खेत हे शायद ले लेही । समारू ह रूपिया के जुगाड़ कर लेथे । चन्दा ह अपन भाई रामदयाल अऊ भउजी ल बुला लेथे । मोहन लाल भारद्वाज से चुनाव लड़त हंव कहिके चिट्ठी लिख देथे । समारू के बहिनी समारिन बाई ल घलो खाना बनाय बर लेवा लाथे । पूरा घर भरे रहय । समारू ह दस बोरा धान कुटवा के ले आय रहय । एक बोरा तिवरा दाल अऊ उड़द के दाल दरवा ले रहय । एक बोरा गेहूँ एक बोरा पिसवा के रखते रहय । किराना दुकान के मिर्चा, मसाला, तेल एक टीना, साबून, सोडा खरीद के ले आथे । चन्दा ह चुनाव के तियारी म भीड़ जाथे ।

चन्द्रकला के टेलीफोन मधु के घर आथे । चन्दा ह कल भेज देबे । मिनी माताजी बिलासपुर म आय हे । काल जाबो तियारी करके आ जाहय । चन्दा ह दूसर दिन बस म रायगढ़ पहुँच जाते । रायगढ़ ट्रेन म बिलासपुर दूनों झन चल देथे । मिनी माताजी के किराये के मकान जरहाभाठा म जाते माताजी से मिलईया मन के भीड़ लगे रहय । चन्दा ह माताजी के पाँव छूथे । चन्द्रकला भी पाँव छूथे । सुखी रहो के अशीष देथे । माताजी चन्दाल कईथे, बईठ बेटी बईठ । भीड़ ल निपटा के बात करहूँ । दस मिनट बाद पानी अऊ चाय आ जाथे । चन्दा ह माताजी ल देथे । चन्द्रकला अऊ अपन चाय पीये लगथे । तब तक भीड़ छठ झाथे । माताजी कथे । कईसे आय हच चन्दा बेटी । चन्दा कथे माताजी अईसे भेंट करे आय हन । दिल्ली के बाद बिलासपुर पहिली रथे आय हन । चन्द्रकला कथे । माताजी विधानसभा के टिकिट बर आय हन । माताजी कथे बेटी हो श्रीमती गांधी ल आवेदन दे देहव । अऊ तुमन ल आश्वासन दे देहे । फेर तुमन काबर घबरावत हव । तुमन ल जरूर टिकट मिलही । एक आवेदन पत्र मोर डायरी म हावे । नाम घलो लिख के रखे हंव । जावव तुमन रायगढ़ म तियारी करव । माताजी चरण छूके बिलासपुर से रायगढ़ आ जाथे । चन्दा ह रात चन्द्रकला के घर रूक जाथे । दूसर दिन सारंगढ़ चले जाथे ।

चन्द्रकला मालूराम ल सब बात बताथे । माताजी तियारी करे ल कहे हे । चन्द्रकला कथे रूपिया के जुगाड़ कईसे होही । पुस्पा देवी अऊ बलराम घला बताथे । पुस्पा कथे बेटी तोर पास सोना दो सौ ग्राम हे तेला बेच दे । एक लाख रूपिया के हो जाहय । सेठ जी से एक लाख रूपिया ले ले । चुनाव जीतबे त वापस कर देबे । रूपिया के बेवस्था हो जाथे । मालूराम से जीप भी किराया म ले लेथे । अपन घर के जीप भी अपन पास रखिहंव कथे । चन्द्रकला ह पूरनिमा ल बुला लेथे । टेटकी बुआ ल कहिथे बुआ मय चुनाव लड़त हंव । सहजोग चाही । टेटकी कथे ठीक हे बेटी । सब जुर मिलके चुनाव म काम करबो । जरूर जीत हमर होही । चन्द्रकला चुनाव के तियारी म लग जाथे ।

विधानसभा चुनाव के घोसना दू महीना पहिले हो जाथे । नवम्बर महीना म चुनाव बीस तारीख के पक्का हो जाथे । चन्द्रकला देवी अऊ चन्दा देवी सरिया अऊ सारंगढ़ से कांग्रेस पार्टी के चुनाव चिन्हा के आवेदन कलेक्टर रायगढ़ म चार कापी म प्रस्तावक, समर्थक सहित भर देथे । चन्दा देवी अऊ चन्द्रकला देवी के नाम अखबार म छप जाथे । दूनों महिला जीतने वाली उम्मीदवार रथे । बहुत आदर सम्मान होय सुरू हो जाथे । जिला कांग्रेस कमेटी रायगढ़ भी नाम भी फार्म के लिये भेज देथे । टिकट आबंटन समिति से श्रीमती इंदिरा गांधी दूनों महिला के नाम जोड़वा देथे । बी फार्म भी सुश्री चन्द्रकला देवी आत्मज रामदेव यादव पांड़े, सरिया के लिये कांग्रेस के अधिकृत प्रत्यासी घोसित की जाती है । सारंगढ़ सुरक्षित अनुसूचित जाति के लिये कांग्रेस पार्टी के श्रीमती चन्दा देवी वारे पति श्री समारू राम वारे अधिकृत प्रत्यासी घोसित की जाती है ।

मालूराम दूनों बी फार्म जिला निर्वाचन अधिकारी रायगढ़ म जमा कर देथे । भारतीय जनसंघ ले सरिया के चिन्तामणी नायक अऊ सारंगढ़ से सेरसिंह खड़ा होथे । चन्दा देवी अऊ चन्द्रकला देवी सरिया पईसा के जुगाड़ बेवस्था म लग जाते । पोस्टर, बेनर पार्टी कार्यालय से मिल जाते । चन्द्रकला देवी सरिया मन पूरा परिवार सहित डट जाथे । मालूराम चुनाव के कमान सम्हालथे । चन्द्रकला देवी के चुनाव प्रचार करे बर रामदेव, कामदेव, चन्द्रसेन, एम.ए. गफ्फार भाई, टेटकी बुआ अपन परिवार सहित, पूरनिमा सुनील सांडिल्य, चन्द्रप्रकास, पुस्पा देवी बलराम अऊ पाँच सौ महिला मंडल के सदस्य म गाँव गाँव घर घर चुनाव के प्रचार म लग जाथे । सरिया के निवास स्थान म चुनाव कार्यालय बना लेथे ।

चन्दा देवी के चुनाव कार्यालय सारंगढ़ म मधु के घर म खुल जाथे । चन्दा देवी चुनाव के संचालन समारू करथे । चुनाव प्रतार बर चन्दा के माँ-बाप, भाई-बहन । समारू के बहिनी, भाई, ममा, चचा, महिला मंडल के पाँच सौ दस्य मन गाँव-गाँव घर घर चुनाव प्रचार म लग गे । मधु सारंगढ़ नगर अऊ आसपास क्षेत्र के चुनाव प्रचार करत रथे । चुनाव, बेनर, पोस्टर कांग्रेसी पार्टी से मिल जाथे । चुनाव प्रचार घमासान, गाँव गाँव म होये लगथे । रानी सागर गाँव म प्रचार करियईया मन बर भंडारा खुले रहय । कम से कम रोजिना तीन सौ चार सौ आदमी बन बर दाल भात सब्जी पकत रहय । चुनाव म सब जगा चन्दा देवी वारे के नाम के सोर उड़त रहय । जनसंघ पार्टी के प्रचार करईया बहुत कम रहय । प्रचार करईया नई मिलित रहय । चन्दा देवी वारे ह सेरसिंह के घर जाके, चुनाव जीते के आसीरबाद माँगथे । चरण छूथे । सेरसिंह कथे, चुनाव जीतो । चन्दा कथे मोला बोट देवे भईया । सेरसिंह कथे बेटी तहूँ मोला बोट देतेच । कार्यकर्ता मन हांस डारथे । सेरसिंह बेचारा गरीब आदमी कोई चुनाव प्रचार म दम नई रहय । सारंगढ़ के घर घर म महिला मन तीन चार बार चुनाव प्रचार करत रहय । बहुत अच्छा प्रचार के काम महिला मन करत रहय ।

चन्द्रकला देवी के कांग्रेस पार्टी के चुनावा प्रचार करे बर मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह सरिया आथे । चुनाबी सभा म हजारों महिला मन जुरे रहय । आदमी खचाखच भरे रहे । बीस हजार से तीस हजार के भीड़ रहय । अर्जुन सिंह कहिथे । श्रीमती चन्द्रकला देवी ल बैल जोड़ी छाप म मुहर लगाके भारी बहुमत से जीतवाव । महिला मन ल आगे लाय बर पार्टी समरपित हे । चुनाव काम म जोस भर देथे । चुनाव काम म जोस भर देथे । चुनाव काम म तेजी आ जाथे । महिला मन उत्साह से घर घर म दस्तक देथे । कोई गाँव नई छुटय । जनसंघ पार्टी ल चुनाव प्रचार करे बर आदमी मन बेनार, पोस्टर, सायकल म लगाके घूमत दिखय । कांग्रेस पार्टी के चुनाव प्रचार तेज होगे रहय । सरिया कांग्रेस मय हो गय रहय ।

सारंगढ़ विधानसबा म कांग्रेस पार्टी के चुनाव प्रचार म अर्जुन सिंह मुख्यमंत्री के साथ मिनी माताजी सांसद आथे । मिनी माताजी कथे । चन्दा देवी मोर बेटी ऐ । ऐला कांग्रेस के बैल जोड़ी छाप म मुहर लगा के प्रचंड बहुमत से जीतावव । तभे महिला मन के विकास होही । अर्जुन सिंह जी के भासन से कार्यकर्ता मन के उत्साह ह दुगुना हो जाथे । पचास हजार के भीड़ महिला पुरूष मन के रहय । चुनाव प्रचार गाँव गाँव, घर घर महिला मन करत रहय बहुत बढ़िया माहोल चंदा देवी के पक्ष म हो गय रहय । सारंगढ़ क्षेत्र म कांग्रेस पार्टी के जोर दिखय । कार्यकर्ता मन चुनाव प्रचार खात पीयत करत रहय । चन्दा देवी कथे जतका आवय दाल, भात, चटनी, सब्जी बना के खिलावय ।

बीस नवम्बर के बोट पड़िच । सरिया म 55 प्रतिशत अऊ सारंगढ़ म 50 प्रतिशत मत पड़िच । महिला मन घर के सबे महिला मन निकालिन । सबे बुथ म महिला मन के लाईन देखे बर मिलिच । कई जगा छोट मूट विवाद, हाथापाई होईच । परंतु सांत पूर्ण ढंग से चुनाव सम्पन्न होगे । चन्दा अऊ चन्द्रकला के किस्मत मत पेटी म बंद होगे । चन्दा के हाय जी होईच । गाँव गाँव के धूल, धक्कड़, कीचड़, कांदो जगा-जगा पानी पीये रहय । सर्दी पकड़े रहय । समारू ह बढ़िया दूध हल्दी गरम करके देईठन । चन्दा के सरदी थोड़ा कम होईच । तोसरे दिन मत गणना रायगढ़ म हो बईया रहय। चन्द्रकला देवी अऊ मालूराम ल कईथे, ऐ मतगणना एजेंट के नाम हे । पास बनवा देथे । मालूराम अग्रवाल मतगणना एजेंट के पास बनवा के रख ले रहय । चन्दा ह जीप म भरके रायगढ़ पोलेटेकनिक कालेज मतगणना स्थल म पहुंचिस । मालूराम अऊ चन्द्रकला देवी इंतजार करत रहय । मतगणना ठीक आठ बजे सुरू होगे । प्रथम च्रक म जनसंघ आगे होगे रहय । चन्दा अऊ चन्द्रकला के चेहरा मुरझाय जईसे होगे । दूसरा चक्र म कांग्रेस आगे होगे । फेर सभी चक्र म कांग्रेस लीड करे लगिच । अंतिम चक्र शाम पाँच बजे खतम होईच । चन्द्रकला देवी ल कुल मत पैंतालिस हजार मत मिले रहय । जनसंघ ल सात हजार के लगभग मत मिलिच ।

जिला निर्वाचन अधिकारी रायगढ़ ह सरिया विधान सभा क्षेत्र मे कांग्रेस के प्रत्यासी सुश्री चन्द्रकला देवी पिता रामदेव यादव ल विजयी घोषित करीच । अनुसूचित जाति सारंगढ़ से कांग्रेस के प्रत्याशी श्रीमति चन्दा देवी पति समारूराम वाले विजयी घोषित करिच । परमान पत्र भी दिच । चन्दा अऊ चन्द्रकला ल कलेक्टर साहब बधाई भी दिच । रायगढ़ म कांग्रेस सभी सीट से जीते रहिस । मध्यप्रदेश म अर्जुन सिंह मुख्यमंत्री ल पूर्ण बहुमत कांग्रेस ल दो सौ इक्कीस सीट से जीत हासिल होय रहय । नव निर्वाचित विधायक मन के दूसर दिन बैईठक भोपाल म आयोजित होथे । चन्द्रकला देवी अऊ चन्दा देवी, रायगढ़ से बिलासपुर, बिलासपुर से छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस म भोपाल चल देथे । नव निर्वाचित विधायक बिलासपुर, रायपुर, रायगढ़, सरगुजा, दुर्ग, राजनांदगाँव, बस्तर के विधायक मन से विधानसभा के रेस्ट हाउस म मुलाकात होथे । विधानसभा के स्वागत कक्ष म पहिली से कमरा के आबंटन होगे रहय । चन्दा अऊ चन्द्रकला देवी ल पुराना रेस्ट हाउस के कमरा नम्बर 19 एवं 20 होथे । सबेच समान के बेवस्था रहय ।

चन्द्रकला देवी ह 19 नं. के कमरा म सूटकेस रखिच। मालूराम साथ म रहिच । सब बेवस्था कर देथे । चन्दा ह अपन कमरा म सूटकेस रखथे । चन्दा देवी कुर्सी म बईठ के ऐती ओती देखत रहय । भोपाल बड़े सहर रहय । जतका दूर दिखय पक्का पक्का मकान बीच म बड़े तलाब ओकर चारों तरफ मकान सादा दिखय । बड़े मस्जिद, जामा मस्जिद के मीनार दिखत रहय । समारू कथे का देखत हच । जलदी स्नान धियान करके विधायकों के बईठक म जाबे । चन्दा अऊ समारू नहा के कपड़ा पहिन के नीचे आय लगथे । चन्द्रकला देवी अऊ मालूराम साथ म नीचे आथे । होटल म आलू गुंडा, जलेबी, गरम-गरम खाथे । मालूराम चार आलू गुंडा खा जाथे ।

विधायक दल के बईठक विश्राम गृह के बईठक हाल म रहय । कई बड़े बड़े नेता मन मुख्यमंत्री के चयन करे बर आय रहिस । मिनी माता भी आईस । चन्दा अऊ चन्द्रकला देवी ह पाँव छूथे । सुखी रहव । आगे बढ़ते रहो । चन्दा कथे । माताजी के आशीरबाद मिलही तबे कुछो बनबो । माता जी दूनों महिला मन ल विधायक बने के बधाई देथे । माताजी कथे, बेटी तय पहिली महिला विधायक समाज म बने हच । मय अर्जुन सिंह ल मंत्री बनाय बर कहिहूँ । चन्द्रकला कथे । माताजी मोहू ल मंत्री बनवा देना । ठीक हे भाई देखहूँ बोलके । मालूराम मंत्री बनाय बर जोड़ तोड़ करे लगथे । विधायक दल के बईठक म सर्व सम्मत्ति से अर्जुन सिंह मुख्यमंत्री चुने जाथे । सब नव निर्वाचित विधायक मन ल बधाई देथे । मुख्यमंत्री बने ले सब विधायक फूल माला से लाद देथे । दूसर दिन दस बजे राज्यपाल महोदय ह मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण कराथे । मुख्यमंत्री ह अपन मत्रीमंडल के सूची देथे । केबीनेट मंत्री, राज्य मंत्री, अऊ उपमंत्री ल सपथ दिलाथे । अंदिम म राज्य मंत्री के लिये सुश्री चन्द्रकला देवी ल सपथ राज्यपाल महोदय दिलाथे । मालूराम ह जगतपाल से मिलके नाम जोड़वा लेथे । नवा मंत्री मन ल बधाई देथे । राज्यपाल महोदय ह । मंत्री मन बधाई देने वाले के तांता लग जाथे । चन्दा देवी ह चन्द्रकला देवी ल बधाई देथे । दीदी मोर सपना ह आज पूरा होगे । तोला मंत्री के रूप मा देख के । चन्द्रकला देवी कथे चन्दा तोर मोहनत के फल ऐ । मय मंत्री जरूर बने हंव । फेर तय मंत्री जानगे । अपन ल आँख से आँसू आ जाथे । चन्द्रकला अऊ चन्दा विधायक विश्राम गृह अपन कमरा म आ जाथे ।

सब थकान आज दूर होगे । मंत्री बने के खुसी म अप जऊन जाहत हंव करलो । मालूराम लस्ल पड़ जाथे, अउ सुत भुलाथे । बिहनहा के अखबार म फोटो सहित मंत्री मन के विभाग के बँटवारा छपे रहय । चन्द्रकला देवी ल स्वतंत्र प्रभार समाज कल्याण विभाग राज्य मीं के देय रहय । चन्द्रकला देवी ल अपन इच्छा के अनुसार विभाग मिल जाथे । विभाग के अधिकारी मन के बधाई टेलीफोन मिले लगिच । सचिव अऊ संचालक मन फूल माला लेके रेस्ट हाउस म बधाई देथे । सब अधिकारी मन विभाग के जानकारी देथे । महिला बाल विकास, समाज कल्याण विभाग के जानकारी ले लेथे । अधिकारी मन के जाय के बाद, चन्द्रकला देवी स्नान करके, चाय, नास्ता करके मंत्रालय म विभाग के चार्ज लेय बर चन्दा देवी, समारू, मालूराम पहुँचथे । विभाग के सचिव, प्रभार के कागजात म दस्तखत कराथे । सब अधिकारी मन से परिचय भी करथे । अऊ मंत्रीगण से घलो परिचय करथे । विभाग के अधिकारी कर्मचारी मन के बधाई देय बर तांता लग गे रहय । शाम पाँच बजे तक आफिस म काम निपटाईच । लाल बत्ती के कार म बईठ के पूरा सहर घूमत चन्दा देवी वारे विधायक, समारू, मालूराम अऊ चन्द्रकला देवी मंत्री रेस्ट हाउस आ जाथे। साथ एक गन मेन ।

चन्दा देवी हाथ पाँव धोके कपड़ा पहिन के तियार भोजन करे जाय बर । चन्द्रकला देवी कथे आज जुमेराती के जैन भोजनलाय म जाबो । रात आठ बजे म जुमेराती घोड़ा नक्काश जैन भोजनालय म भर पेट भोजन करथे । बाहर पान ठेला में पान मीठा मसाला खाथे । मालूराम कथे, बहुत भारी खाना हो गय जलदी नई पचय । होजमोला के गोली मेडिकल स्टोर से खरीदथे । सहर घूमत घूमत रेस्ट हाऊस आके सो जाथे । चन्दा देवी अऊ चन्द्रकला देवी ह कोसा के बढ़िया लूगरा, पोलखर पहिन के विधानसभा जाथे । चन्दा देवी ल परिचय पत्र देथे । विधानसभा म सांरगढ़ विधानसभा के सीट क्रमांक दो सो एक म बईठाथे । चन्द्रकला देवी ह मंत्री मन के पाछू म बईठ जाथे । विधानसभा अध्यक्ष ह विधायक मन ल शपथ कराथे । दोपहर के भोजन विधानसभा अध्यक्ष महोदय कराथे । दिवंगत विधायक, सांसद, नेता ल श्रद्धांजलि देके विधानसभा स्थगित हो जाथे ।

चन्द्रकला देवी के पी. ए. सम्भूनाथ राय बनिस छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस से भोपाल से बिलासपुर के टिकट आरक्षण विधानसभा काउंटर से करा देथे । चन्दा देवी, समारू, मालूराम, चन्द्रकला देवी, ए. सी. बर्थ म बईठ के बिलासपुर आ जाथे । बिलासपुर रेलवे स्टेसन म नगरपालिका कर्मचारी एवं विभागीय अधिकारी मन फूल माला से लाद देधे । वेटिंग रूप म उत्कल एक्सप्रेस या अहमदाबाद ट्रेन के इंतजार म रहिस । अहमदाबाद एक्सप्रेस बिलासपुर से रायगढ़ पहुँच जाथे । रेलवे स्टेसन म स्वागत बर फूल माला धरे हजारों के भीड़ रहय । कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक पंचायत एवं समाज सेवा अधिकारी एस. डी. एम. कांग्रेस के सैकड़ो कार्यकर्ता नगरपालिका के सैकड़ो सफाई कर्मचारी एवं अधिकारी, वरिष्ठ नागरिकगण । एम. ए. गफ्फार भाई, कामदेव, बलराम, चन्द्रसेन, पुस्पादेवी, जानकी, जगदीश, डॉ. बिहारी लाल, अनुपम दास पत्रकार, सिवसरण आदि हजारों के संख्या म भीड़ रहय अहमदाबाद एक्सप्रेस से पहिले मालूराम अऊ समारू सूटकेस लेके उतरथे । समान ल चन्द्रसेन अऊ पुलिसवाला मन कार म रखवाथे । चन्द्रकला देवी अऊ चन्दा देवी उतरीन । कलेक्टर अऊ एस. पी. गुलदस्ता से स्वागत करथे । पुस्पा देवी, बलराम, कामदेव, गफ्फार भाई के चन्द्रकला देवी चरण छूथे । चन्दा देवी घलो चरण छूथे । एक घंटा स्वागत म लग गे । फूल मालाओं से लाद दे रहीन । रायगढ़ म ऐतिहासिक स्वागत रहिस । रायगढ़ शहर के लाडली बेटी चन्द्रकला देवी मंत्री बने रहिस ।

चन्द्रकला देवी कईथे कलेक्टर साहब मय सबसे पहिली घर जाहंव । कार म पुस्पा देवी, चन्दा देवी, चन्द्रकला देवी बईठथे । दूसर कार म मालूराम अऊ समारू, बलराम, चन्द्रसेन बईठ गोसाला पार के घर जाथे । जगा, जगा स्वागत होत रहिस । जईसे गोसाला पारा पहुँचिस, फटाका, बम फटाका धमाक, धमाक फूटथे । पंडाल म सैकड़ों कुर्सी लगे रहय । चन्द्रकला देवी अऊ चन्दा देवी दुवारी म गईन । आरती लेके रमौतीन अ तीन झन महिला खड़े रहय । रमौतीन आरती उतारथे । चन्द्रकला देवी पाँव छूथे । रमौतीन आँखी ले खुशी के आसू बोहा जाथे । चन्द्रकला ल हिरदय से लगा लेथे । दाई के पियार म आसू छलक जाथे । आरती उतार त घर म ले जाथे । अंगना के कुर्सी म बईठथे । रामदेव, पुस्पादेवी, बलराम, कामदेव के पाँव छूके आसीरबाद लेथे । चन्द्रसेन सूटकेस ल कमरा म रखिथे । चन्दा देवी, स्नान करके तियार हो जाथे । मालूराम अपन घर जाय ले पहिले सब ल मिठाई बंटवाथे । सब अपन अपन घर चले जाथे । सुरक्षा गार्ड मन बचे रथे ।

चन्द्रकला देवी स्नान, धियान करके लूगरा पहिन के निकलिच । चन्दा देवी अऊ समारू तियार होके बईठे रहय । चन्दा बिहनी चल गोसाला म गाय बछरू के पूजा कर लेंथव । अगरबत्ती, धूप, पान, लोटा म पानी लेके पूजा करे लगथे । गाय मन देखथे का होगे । बिचक जाथे । चन्दा अऊ चन्द्रकला देवी लउहा आफिस म आ जाथे । रामदेव ह गोसाला के गेट ल बंद करथे । चन्द्रकला देवी बताथे चन्दा मय अऊ मोर परिवार, गो सेवा करके जिनकी चलाय हन, गोबर साफ मय करे हंव ।गाय के दूध पीके रहिजावन, दिन म भात नसीब नई होवय । अईसे दिन देखेव । गोसाला के गोबर हेरई, सफाई, दूध बेचई से लेके, नगरपालिका म कलरकी, जसपुर सारंगढ़ म नौकरी महिला बैंक के अध्यक्ष, महिला मंडल के संयोजक आज विधायक अऊ समाज कल्याण मंत्री बने के सफर तय होय हे । बड़ अपमान सहे हंव । चन्दा कथे दीदी तभे सोना जईसे तप गे हच । चन्द्रकला अऊ चन्दा अंगना म पीढ़ा म बईठ के गोठ बात, सुख दुःख के गोठ बात करत रहीन । पुस्पा देवी अऊ रमौतीन दाई मन भात रांधे बर घर लीन । चन्दा कथे चल दीदी रंधनी कोती । रमौतीन दाई ह चाऊँर अंघना म डरत रहय । चन्दा कथे दे ना दाई मय रांध देथंव । नहीं बेटी आज हमन छूअन नई देन । हमर बेटी ह विधायक अऊ मंत्री मन के आय हे त आज हमर नाक ल ऊंचा कर देन । चन्द्रकला कथे त का होगे दाई, माँ बेटी तान । चन्दा अऊ चन्द्रकला मटर छिल के खाय लगथे । पुस्पा कथे बेटी ऐही दिन देखे बर तो जीयत हंव । रमौतीन दाई कथे । बेटी आज मोर कोख ह तरगे । मय तर गेंव, तोला जनम देके । आँखी ले आँसू खुशी के बोहा जाथे । नव महीना कोख म रखे रहेंव । अऊ छेवारी के पीरा अऊ ओकर सुख के अनुभव होईच हे ।

रमौतीन कथे चन्दा बेटी जे दिन चन्द्रकला ह होईच । ओही दिन गोसाला म दस बारह गाय मन जनमे रहीन । दूध के गंगा बोहागे । घर म दूध दही के भंडार होगे । अईसे लक्ष्मी बन के आय हे चन्द्रकला ह । आज ले लक्ष्मी जईसे हम तो पोसत पालत हे । आज अऊ चूल्हा चौकी छोड़ के सरकार चलाही । मोर तो भाग जागगे । सब ल ईसे बेटी देवय । पुस्पा देवी कथे । चंदा रमौतीन जरूर जनम देय हे फेर पाले, पोसे, पढ़ाय लिखाय मय हंव । मय यशोदा माता आंव । पाल पोस के नौकरी घलो लगवाय हंव । पुस्पा कथे बेटी चन्द्रकला म ताकत, सक्ति रमौतीन के हे पर दिमाग, बुद्धि मोर हे । अईसे चन्द्रकला देवी के दाई मन रहय । दूनों के पियार दुलार पाके बड़े आदमी, नेता बने के गुन आय रहय । चन्द्रकला रंघनीम बईठ के रो डारिच । दुःख के आँसू बोहागे, सुख के आँसू आगे ।

चन्द्रकला अऊ चन्दा देवी, समारू पीढ़ा म बईठ के खाना खाथे । रमौतीन दाई हाथ के खाना के कुछ और सुवाद रथे । चन्दा ह चटकारा लेके खाईच । गप मारके सो जाथे । दूसर दिन स्नान धियान करके चन्दा देवी अऊ चन्द्रकला देवी सारंगढ़ कार से चल देथे । नवभारत अखबार म मंत्री बने के बधाई छपे रहय । चन्द्रकला अऊ चन्दा के फोटो छपे रहय । मंत्री जी के कार्यक्रम सारंगढ़ अऊ सरिया जाय के छपे रहय । जईसे ही कार नगरपालिका आफिस के पास रूकिच । नगरपालिक कर्मचारी, कांग्रेस कार्यकर्ता, मधु अऊ महिला मंडल के सैकड़ों सदस्य मन फूल माला से चन्दा अऊ चन्द्रकला देवी ल फूल माला म लाद देथे । लगातार दो घंटे तक मंत्री महोदया अऊ विधायक चन्दा देवी के सुवागत होथे । रंग गुलाला से माहौल रंगीन हो जाथे । मधु केसरवानी मिठाई बंटवाथे । चन्द्रकला देवी अऊ चन्दा देवी ह धन्यवाद अऊ आभार व्यक्त करथे ।

चन्दा देवी कथे । चल न दीदी घर कोती । चन्द्रकला देवी अऊ महिला मंडल के सदस्य गण रानी सागर गाँव म भव्य सुवागत करथे । जगा, जगा द्वार आरती उतारथे । चन्दा देवी के घर के पास सैकड़ों नर नारी जुड़े रहय । चन्दा देवी के चेहरा लाल रंग पहिचान नई आवत रहय । भूरी अऊ कुसुवा आके पाँव छूथे । चन्दा अऊ चन्द्रकला देवी गोदी म उठा लेथे । सब झन ल लड्डू बंटवाथे । चन्दा देवी अऊ चन्द्रकला देवी जैत खाम म पूजा आरती करथे । नरियर फोड़थे । चन्दा ह कथे दीदी सतनाम साहेब के किरपा से विधायक बने हंव । मिनी माता जी के आसीरबाद से ही विधायक बने पायेंव । चन्द्रकला देवी जैत खाम म माता टेकथे । सुख समृद्धि बर आसीस माँगथे । समारू हा सब झन नरियर के प्रसाद अऊ लड्डू बाँटथे । मधु अऊ महिला मन बहुत खुस होथे । चन्द्रकला देवी सब झन एकजुट रहे के समझाइस देथे । चन्दा देवी ह अपन घर म भोजन कराथे ।

चन्द्रकला देवी समाज कल्याण मंत्री अऊ चन्दा देवी विधायक, मधु केसरवानी, भूरी अऊ कुसुवा ल लेके तीन कार म सरिया चले जाथे । सरिया गाँव म जगा जगा तोरण द्वार सजे रहय । द्वारी द्वारी म आरती लेके महिला मन चन्द्रकला देवी अऊ चन्दा देवी के सुवागत करीन । चंदैनी गोदा के फूल पियर अऊ लाल रंग से चेहरा म चमक आगे रहय । चन्द्रकला के चेहरा दमकत रहय । सबके सुवागत दूनों किच । बुढ़िया दाई मन के चरण स्पर्स करीन दाई मन मुख्यमंत्री बने के आशीष देवय । चन्द्रकला हंस देवय । एक झने बुढ़िया दाई जेकर उमर सौ साल से जादा रहय आसीस देईच सात बेटा के माता बन । चन्दा कथे दाई मंत्रीजी तो बिहाव नई करे हे । अईसे बात हे बेटी, त जुग जुग जीए के आशीष देथे । चन्द्रकला देवी के घर के सामने जमुनादेवी ह पंडाल बना के मंच बनाय रहय । चन्द्रकला देवी अऊ चन्दा देवी मधु केसरवानी मंच म बईठथे । भूरी अऊ कुसुवा घलो चंदा देवी के पास कुर्सी म बईठे रथे । मधु, जमुना अउ नेतामन सुवागत फूल माला से करवाथे । बारी बारी से महिला मन लगभग पाँच सौ जादा माला फूल, मंत्री जी अऊ चन्दा देवी विधायक ल पहिनाईच । जमुना देवी महिला मंडल के कार्यालय से पूरा मिठाई अऊ भोजन के बेवस्था करे रहय । पूरा गाँव हअऊ आस पास के गाँव के मन मंत्री जी के सुवागत म आ रहय । चन्दा कथे दीदी मोला सारंगढ़ छोड़वा दे । चन्द्रकला देवी कथे । मय तो अकेल्ला हो जाहंव । घर म अभी कोनो नईये । चन्दा कथे । दीदी तय रात रूक के सब झन ले मिल ले । काल सुबह गाँव गाँव जाके महिला मंडल के बहिनी ले मिल ले । बहुत मिहनत करे हे । काल महुँ ह कोसीर महादनी के आसपास म मिलबर जाहंव . चन्द्रकला देवी ह भूरी, कुसुवा के चुमा लेथे । कुर्सी कथे चल न बड़ी दाई हमर घर म सोबो । चन्दा कथे । बेटी तोर बड़े दाई ह बहोत बड़े मंत्री बन गे हे । अड़बड़ झन से मुलाकात करना हे । चन्दा देवी, मधु केसरवानी कार म बईठ के सांरगढ़ आ जाथे ।

समारू ह रात होत हे कहिके तिलमिलात रहय । पचास साठ आदमी गाँव के मन सुवागत करे आय रहय । चन्दा देवी ह बड़े मन के पाँव छुईच । छोटे मन चन्दा देवी के पाँव छुईन । चन्दा देवी दिन भर के थकगे रहय । भूरी अऊ कुसुवा मन सोवत रहय । बार बार चन्दा ल कहय चल न दाई सोबे । चल न दाई सोबो । चन्दा देवी घर म खटिया के चादर ल झर्रा के भूरी अऊ कुसुवा ल थपकी देके सोवाथे । लोरी घलो सुनाथे । भूरी ह आँखी ल निहार फेर देखय । चन्दा कथे, तोर नींद नई आत हे त काबर सोचत हच । भूरी कथे दाई बहुत दिन के बाद तय मिले हच । भोपाल चले गे रहे । अब हम ल नई छोड़बे न । चन्दा कथे बेटी हा अब भोपाल म रहिबो । पाँच साल तो भोपाल म पढ़िबे । पाँच साल म तुमन बड़े बड़े हो जाहंव । चन्दा के गोठ सुन के दाई के थपकी के पियार से भूरी के नींद धीरे धीरे पड़े लगथे । जब दूनों झन सो जाथे तो लूगरा, कपड़ा बदल के घर पहिरे के लूगरा पोलकर पहिन के आ जाथे । चेहरा के रंग, गुलाल ल कुआँ म जा के साबुन से रगड़ रगड़ के धोथे । चेहरा ल लाल होगे रहय । चेहरा म पोण्ड्स के क्रीम ल लगाथे । चन्दा ह थोरकन हल्का महसूस करिच । समारू ह सब झन ल चाय पान, सुपारी खिलाके बिदा कर देथे ।

समारू के दाई अऊ बहिनी मन खाना खाके सोगे रहय । चन्दा कथे भूरी के ददा । चुनाव खर्च के हिसाब किताब लगाय हच । कतका कतका उधारी देय बर बांचे हे । समारू कथे आज तो चल सो जाथन । कालि हिसाब किताब करबो । चन्दा कथे चल सो जाथन । समारू कथे तोर नींद पड़ जाही । हाँ मय थके हंव । समारू कते, खटिया ह बाजही लईका मन जाग जाही । ओकर सेती भूईंया म गोदरी बिछा देथंव । चन्दा जाके सो जाथे । मय तो बहुत थके हंव । समारू कथे । का मय नई थके हंव । चुनाव के बाद तो पहिली बार घर म आय हन । चुनाव के धूल धक्कड़ बहुत खाय हन । चन्दा कथे । समारू मस्ती म रहय । चन्दा कथे । हाय दाई आज परेसान कर डारे । खिलखिला के हांस डारथे । मौज मस्ती आनंद लेके से जाथे ।

चन्दा देवी समारू जीप म कोसीर गाँव जाथे । चन्दा देवी के विधायक बने पहिली बार कोसीर गाँव गय रहय । रंग, गुलाल, फूल माला से लाद दे रहय । गाँव के गुड़ी म दरी म बईठ के चन्दा देवी के सुवागत करथे । गुड़ी म खमखमाय औरत अऊ आदमी मन जुरे रहय । गाँव वाला मन दिल खोल के सुवागत करथे । चन्दा देवी बहुत खुस हो जाथे । कोसीर महिला मंडल के सदस्य मन बढ़िया खाना खवाथे । चन्दा देवी ह कोसीर गाँव के जैत खाम म पूजा करके नरियर चढ़ाथे । नरियर के परसाद बंटवाथे । चन्दा देवी के जय जयकार होगे । बड़े गाँव कोसीर आय । मनखे-मनखे दिखय । समारू ह अपन फार्म हाऊस जाथे । चन्दा देवी भी फार्म हाऊस म खेती किसानी ल देखथे । धान ह मिसावत रहय । दौ सौ बोरा धान मिंजा के कोठी म धर दे रहय । आधा धान बांचे रहय । समारू ह कमिया बनिहार ल बूता जोंग के कथे । भईया हो अब तुमन के जिम्मेवारी म छोड़ के मय भोपाल जाहू । लोग लईका मन उहें रईही । महिना खांड़ म आके देखहूँ । चन्दा कथे । पाँच साल तो भोपाल म रहि सकत हंव । विधायक के मजा तो ले लव । ओकर बाद तो गोबर थापहंव । समारू कथे चल दूसर गाँव भी जाबो । एक दिन म दस बारा गाँव म महिला कार्यकर्ता अऊ कांग्रेस कार्यकर्ता मन से मिल के आ जाथे । गाँव गाँव म चन्दा देवी के आरती उतारथे । रंग, गुलाल चंदैनी गोंदा, गेंदा के फूल से सुवागत करथे । रात के दस बजे गे रहय । समारू कथे चल घर लईका मन रस्ता देखत होई ।

जीप म बईठ के चन्दा समारू घर आ जाथे । भूरी दउड़त द्वारी म आथे । अतका बेरा कईसे होगे दाई । चन्दा कथे बेटी नेतागिरी पूरा घर बरबाद हो जाही । सुख सांति मोर खतम होगे हे बेटी । का रात अऊ दिन । जब चाहे तब लोगन मन समस्या लेके आ जाथे । चन्दा लउहा लउहा हाँथ पाँव धोथे । अऊ सिर के केस म धुर्रेच धुर्रा रहय । गमछा म झर्राथे । केस ल बने फटकारथे । चन्दा ल थोरकन बने हलका लगिच । परछी के पीढ़ा म बईठ के सुस्ताथे । गोड़ लमा के बैईठे रहय । समारू के दाई ह देशी करेला के साग रांधे रहय । भात अऊ करेला के साग चन्दा ल देथे । भूरी घलो बईठ जाथे । समारू के संग कुसुवा खाथे । लउहा लऊहा चन्दा ह भात ल खाईच । एक लोटा पानी ल पीथे । दाई ह परोसा देते । चन्दा नई लेवय । रात म खाना खा के सोये लगथे लईका मन सो जाथे । समारू ह चादर ओढ़के सोये बर लगथे । चन्दा कथे का पहलवान जी । कईसे अभी ले सूतत हच । आज कुछ चिटपोट नई करत हच । समारू कथे आज मय बहुत थक गे हंव । चन्दा कथे दे मय तेल लगा देथव । चन्दा तेल मालिस करथे ।

चन्द्रकला देवी ह सरिया म दू तीन रात रूक जाथे । गाँव गाँव के द्वारी द्वारी म जाके भेंट करथे । घर घर म आरती उतारथे, फूलमाता से सुवागत होथे । जगा जगा सुवागत से चन्द्रकला देवी खुस होथे । तीन दिन म पचास से साठ गाँव म मुलाकात भेंट करके धन्यवाद देथे । सरिया क्षेत्र के महिला बैंक अऊ महिला मंडल ल ससक्त बनाय बर जोर देथे । एक सौ बीस महिला सरपंच मन बहुत खुश होथे । काबर सत्ता म महिला मन के भागीदारी सुनिश्चित होगे रहय । महिला मन बिनाभय के निडर होके काम करत रहिन । चन्द्रकला देवी मंत्री जी कथे । इहां महिला अधिकारी अऊ कर्मचारी भी पदस्थ करा देहंव । सरिया बरमकेला क्षेत्र म खुसी के लहर फईलगे रहय । उड़ीसा के बाडर के गाँव म जाके मिल के धनवाद आभार व्यक्त कर देबे ।

चन्द्रकला देवी जीप से रायगढ़ चल देथे । गाँव के सघन दौरा कर लेथे । गाँव के का का समस्या हे तेला अऊ सिकायत के आदेदन ल बांध के रख ले रहय । सरिया क्षेत्र म का काम कराय बर हे । प्राथमिकता सेका हो सकत हे । पूरा विधानसभा क्षेत्र के नजसी नक्सा बनवा ले रहय । पी. ए. सब ल नोट कर ले रहय । विभागीय अधिकारी मन ल प्रस्ताव प्राक्कलन बनाय के निर्देस भी दे देय रहय । सरिया क्षेत्र के मुख्य समस्या सिंचाई रहय । सड़क अऊ सिक्षा, चिकित्सा सुविधा, बेरोजगारी रहय । चन्द्रकला देवी जी ह डयरी म नोट करले रहय । रायगढ़ के रेस्ट हाउस म मंत्री जी के नाव से दू कमरा बुक रहय । एक म पी. ए. अऊ गन मेन म रहय । एक कमरा म अधिकारी मन से चरचा, विचार-विमर्स करे बर रखे रहय । सरिया क्षेत्र के कार्यकर्ता मन रात रेस्ट हाउस म रूक जावय ।

चन्द्रकला देवी घर जईसे पहुँचथे, महिला मंडल के भीड़ सुवागत करे बर उमड़ पड़े रहय । सुवागत के बाद चन्द्रकला देवी रंधनी घर म रमौतीन दाई के पास जाथे, पीढ़ा म बईठ के कथे । कुछ रांधे होबे त दे । बेटी चीला रोटी बांचे हे । दू चीला रोटी, पताल के चटनी, लहसून, धनिया पत्तीडार के पीसे रहय । चन्द्रकला देवी बढ़िया चीला रोडी खाईच, एक गिलास पानी पीईच । पुस्पा देवी कथे, बेटी पूरनिमा अऊ चन्द्रप्रकास काल मिले बर आही, चिट्ठी आय हे । चन्द्रकला ल बधाई देय रहय । पुस्पा देवी बताथे, बेटी तोर बाबूजी के तबियत ठीक नईए । कथे, चल दाई बाबूजी के पास जाबो । बलराम ह खांसी, सर्दी से परेसान रहय । चन्द्रकला बाबूजी के पाँव छूथे । बईठ बेटी बईठ । खटिया पाटी म बईठथे । कथे बेटी बुढापा के बीमारी ए जलदी ठीक नई होवय । फेर उमर एक सौ दस बरिस के ऊपर होगे हे । तोर मंत्री बने ले मोर मन माढ़ गे, गर्व से सीना फूल गे । बेटी अब मर जाहंव त कोई चिंता फिकर नईए । पुस्पा ह बताथे । काली चन्द्रप्रकास अऊ पूरनिमा ह जबलपुर से अवईया हे । उत्कल एक्सप्रेस से आही । चन्द्रकला कथे बाबूजी डॉक्टर बुलावय । बलराम कथे बेटी दवाई के असर अब नई होवय । तोर माँ ह अतका सेवा करत हे । तब तो ठीक हंव । नई तो इंदौर म कब के ऊपर पहुँच गे रहितेंव । चन्द्रकला ह चन्द्रसेन ल बुलाके खांसी के कप सीरप मँगवा देथे । रात म चन्द्रकला देवी ह तेल मालिस कराके सो जाथे ।

क्रमशः

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